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मुष्फिकुर रहीम का अनुशासन और कार्य नैतिकता
हालांकि, मुष्फिकुर रहीम बांग्लादेश क्रिकेट में एक अद्वितीय स्थान रखते हैं। उनकी कार्य नैतिकता और अनुशासन की तुलना किसी अन्य खिलाड़ी से नहीं की जा सकती। उनके साथी खिलाड़ी, जो अब रिटायरमेंट के करीब हैं, उनकी मेहनत की सराहना करते हैं। मुष्फिकुर ने बताया कि उनका फिटनेस के प्रति दृष्टिकोण एक पूर्व राष्ट्रीय प्रशिक्षक, स्टुअर्ट कार्पपिनेन, के मार्गदर्शन से बदल गया।
इसके अलावा, मुष्फिकुर ने स्वीकार किया कि वह आज भी उस सलाह का पालन करते हैं जो कार्पपिनेन ने उन्हें दी थी। कार्पपिनेन ने बांग्लादेश टीम के साथ 2004 से 2006 तक काम किया और फिर 2012 से 2016 तक उच्च प्रदर्शन प्रबंधक के रूप में लौटे। मुष्फिकुर ने कहा, "मैंने जब पहली बार राष्ट्रीय टीम के लिए खेलने का अवसर पाया, तो हमारे पास स्टुअर्ट कार्पपिनेन नाम का एक प्रशिक्षक था।"
मुष्फिकुर की फिटनेस यात्रा
विशेष रूप से, मुष्फिकुर ने यह भी बताया कि कार्पपिनेन ने उन्हें सलाह दी कि वे अपने साथ प्रतिस्पर्धा करें, न कि दूसरों के खिलाफ। यह दृष्टिकोण उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से विकसित करने में मददगार साबित हुआ। उन्होंने कहा, "जब आप अकेले काम करते हैं, तो कोई आपको नहीं देखता।"
इस दौरान, उन्होंने यह भी बताया कि जब कोई देख नहीं रहा होता है, तो आप अपने लक्ष्यों को पूरा करने में कमी कर सकते हैं। मुष्फिकुर के अनुसार, जब आप सही तरीके से काम करते हैं, तो वह एक आदत बन जाती है। यही आदत उन्हें उनके करियर में आगे बढ़ने में मदद करती है।
अनुशासन का महत्व और प्रतिक्रिया
परिणामस्वरूप, मुष्फिकुर रहीम ने यह साबित किया है कि अनुशासन और मेहनत सफलता के महत्वपूर्ण तत्व हैं। उन्होंने कहा कि युवा खिलाड़ियों के लिए यह आवश्यक है कि वे अपने कार्य नैतिकता को मजबूत करें।
इसके अतिरिक्त, मुष्फिकुर ने बताया कि उनका यह दृष्टिकोण उन्हें अन्य खिलाड़ियों के बीच खड़ा करता है। उन्होंने कहा, "यह एक आशीर्वाद है कि कार्पपिनेन ने मुझे मेरे खेल में प्रभाव डालने में मदद की।" बांग्लादेश क्रिकेट में उनकी यात्रा प्रेरणा का स्रोत बनी है।
संक्षेप में: मुष्फिकुर रहीम की अनुशासन और कार्य नैतिकता उनके खेल को ऊंचाई पर ले जाती है। NFL की ताज़ा खबरों के लिए YouTube पर Sports-Podcasts.com को फ़ॉलो करें।

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