सुनें और पढ़ें
भारतीय हॉकी आज अपने 100 वर्ष पूरे कर रही है। यह खेल हमारे गर्व और पहचान का प्रतीक बन चुका है। 1850 के दशक में ब्रिटिश सेना द्वारा भारतीय सैनिकों को हॉकी से परिचित कराने के बाद, यह खेल तेजी से लोकप्रिय हुआ। 1925 में इंडियन हॉकी फेडरेशन की स्थापना ने भारतीय हॉकी को एक नई दिशा दी। मेजर ध्यानचंद के नेतृत्व में भारतीय टीम ने 1928 के एम्स्टर्डम ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीता, जिसमें 29 गोल किए गए और एक भी नहीं खाया। ओलंपिक पदक तालिका में भारत ने 8 स्वर्ण, 1 रजत और 4 कांस्य पदक जीते हैं। आज नई दिल्ली में शताब्दी समारोह की शुरुआत हो रही है, जो इस खेल की महानता को और भी उजागर करेगा।

टिप्पणियाँ (0)