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भरत छेत्री, भारतीय हॉकी के महान गोलकीपर, अब राजनीति में नई जीत हासिल कर चुके हैं। उन्होंने गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्चा के रुदेन सदा लेपछा को 21,464 वोटों के अंतर से हराया, अपने निर्वाचन क्षेत्र में 84,290 वोट प्राप्त किए। छेत्री की कहानी संघर्ष और मेहनत की मिसाल है, जो कलिम्पोंग के छोटे से गांव से ओलंपिक तक पहुंची। अब वह स्थानीय समस्याओं जैसे बेरोजगारी और बुनियादी सुविधाओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस जीत ने उन्हें न केवल एक खिलाड़ी, बल्कि जनता का नेता बना दिया है। क्या यह परिवर्तन कलिम्पोंग के लिए एक नई दिशा देगा?

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