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आईपीएल में विदेशी खिलाड़ियों की अनुपस्थिति पर सुनील गावस्कर की चेतावनी
हालांकि, आईपीएल में विदेशी खिलाड़ियों की भागीदारी हमेशा चर्चित रही है, पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने इस पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने बीसीसीआई से अपील की है कि उन खिलाड़ियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए जो चोट का बहाना बनाकर टूर्नामेंट से हट जाते हैं। गावस्कर का मानना है कि यह स्थिति फ्रेंचाइज़ियों के लिए न केवल असहनीय है, बल्कि यह आईपीएल के मूल्यों को भी कमजोर करती है।
इसके अलावा, गावस्कर ने यह भी बताया कि कई खिलाड़ी आईपीएल को हल्के में लेते हैं और अपने घरेलू क्रिकेट में हिस्सा लेने के लिए बीच में ही लौट जाते हैं। ऐसे में फ्रेंचाइज़ियों के लिए उपयुक्त प्रतिस्थापन खोजना बेहद मुश्किल हो जाता है।
गावस्कर का सुझाव: विदेशी खिलाड़ियों की फीस में कटौती
इस दौरान, गावस्कर ने सुझाव दिया कि खिलाड़ियों की फीस को उनके खेलने के दिनों के अनुपात में निर्धारित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विदेशी क्रिकेट बोर्ड भी खिलाड़ियों की आईपीएल कमाई पर 10% कमीशन लेते हैं। इस दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए, यह आवश्यक है कि बीसीसीआई इस संदर्भ में सख्त कदम उठाए।
विशेष रूप से, गावस्कर ने कहा कि खिलाड़ियों की फीस में कटौती उन विदेशी बोर्डों के लिए भी लागू होनी चाहिए जो अपने खिलाड़ियों की अनुपस्थिति को लेकर कोई कार्रवाई नहीं करते। यह कदम फ्रेंचाइज़ियों के लिए वित्तीय सुरक्षा प्रदान करेगा।
प्रतिक्रियाएँ और भविष्य की दिशा
इसके अतिरिक्त, गावस्कर ने यह भी कहा कि आईपीएल ने कई सामान्य खिलाड़ियों को करोड़पति बना दिया है। इस स्थिति को देखते हुए, बीसीसीआई को चाहिए कि वह ऐसे खिलाड़ियों के अनुबंधों को रद्द करने पर विचार करे जो पूरे टूर्नामेंट में खेलने के लिए सहमत नहीं होते।
संक्षेप में, गावस्कर का यह स्पष्ट संदेश है कि आईपीएल की प्रतिष्ठा को बनाए रखना आवश्यक है। खिलाड़ियों को अपनी जिम्मेदारियों का एहसास होना चाहिए, और बीसीसीआई को इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। क्रिकेट की ताज़ा खबरों के लिए YouTube पर Sports-Podcasts.com को फ़ॉलो करें।

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