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महिला क्रिकेट विश्व कप 2026 की तैयारी में अतिरिक्त दबाव
हालांकि, इंग्लैंड की महिला क्रिकेट टीम की कप्तान नत स्किवर-ब्रंट ने हाल ही में अपने पहले घरेलू महिला T20 विश्व कप की चुनौतियों पर प्रकाश डाला। 12 जून को श्रीलंका के खिलाफ होने वाले मैच से पहले, स्किवर-ब्रंट ने कहा कि घरेलू टूर्नामेंट का दबाव सभी तरफ से है। इंग्लैंड ने 2017 में अपने आखिरी घरेलू विश्व कप में शानदार विजय प्राप्त की थी।
इसके अलावा, स्किवर-ब्रंट ने यह भी बताया कि इंग्लैंड में चार ICC टूर्नामेंट आयोजित किए गए हैं। इनमें से हर बार इंग्लैंड ने विजय प्राप्त की है। 2009 में हुए पहले T20 विश्व कप में इंग्लैंड ने अपनी पहली और अब तक की एकमात्र ट्रॉफी जीती थी।
इंग्लैंड की टीम पर दबाव और उम्मीदें
विशेष रूप से, स्किवर-ब्रंट ने कहा कि टीम इस दबाव को एक विशेषाधिकार के रूप में देखती है। "हम ऐसे समय में हैं जब महिला क्रिकेट को एक मंच की आवश्यकता है। हम 15 लोग हैं जिनके पास इसे आगे बढ़ाने का अवसर है," उन्होंने कहा।
इस दौरान, उन्होंने टीम की एकजुटता को बनाए रखने की आवश्यकता को भी बताया। "हम अपने इंग्लैंड टीम के बुलबुले में रहते हुए संयम बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं।" उन्होंने कहा कि बाहरी दबाव को नजरअंदाज करना कभी-कभी मुश्किल हो सकता है, लेकिन यह एक विशेषाधिकार है।
श्रीलंका की कप्तान का दृष्टिकोण
दूसरी तरफ, श्रीलंका की कप्तान चामारी अथापट्टू ने अपनी टीम के अंडरडॉग टैग को स्वीकार किया है। उन्होंने इंग्लैंड के दबाव का जिक्र करते हुए कहा कि वे घरेलू परिस्थितियों में खेल रहे हैं। "हमें कुछ अर्जित करने की आवश्यकता है। लेकिन मैं जानती हूं कि इंग्लैंड पर दबाव है," उन्होंने कहा।
इसके अतिरिक्त, अथापट्टू ने विश्वास व्यक्त किया कि यदि उनकी टीम अपना सर्वश्रेष्ठ खेलती है, तो वे इतिहास रच सकती हैं। उन्होंने कहा, "हमें अपने निडर क्रिकेट खेलना है।" यह इंग्लैंड और श्रीलंका के बीच होने वाला पहला मुकाबला होगा, जिसका इंतजार सभी को है।
संक्षेप में: इंग्लैंड की महिला क्रिकेट टीम और श्रीलंका के बीच इस विश्व कप में एक रोमांचक मुकाबला देखने को मिलेगा। क्रिकेट की ताज़ा खबरों के लिए YouTube पर Sports-Podcasts.com को फ़ॉलो करें।

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