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ऑस्ट्रेलियाई टीम की कप्तानी में सोफी मोलिन्यू की यात्रा
हालांकि सोफी मोलिन्यू के कप्तानी की घोषणा जनवरी में हुई थी, लेकिन उन्हें 2026 टी20 विश्व कप के लिए एक लंबी दौड़ में माना जा रहा था। उनकी कप्तानी की उम्मीदें शुरू में कम थीं। इसके पीछे कई चोटों का इतिहास था, जिससे उनकी तैयारी पर असर पड़ा था। फिर भी, उन्होंने घरेलू टूर्नामेंट में अपनी नेतृत्व क्षमता साबित की।
इसके अलावा, चयनकर्ताओं ने उनकी कड़ी मेहनत और अनुभव को देखते हुए उन्हें ऑस्ट्रेलियाई टीम का कप्तान चुना। ऑस्ट्रेलिया ने 2017 में औसत प्रदर्शन के बाद, अपनी कमियों को सुधारते हुए 2020 और 2023 टी20 विश्व कप तथा 2022 वनडे विश्व कप में विजय प्राप्त की।
टीम के साथ एकजुटता और आत्मविश्वास
विशेष रूप से, मोलिन्यू ने हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में अपनी टीम की एकजुटता की सराहना की। उन्होंने कहा, "मैं बेहद गर्वित महसूस करती हूं। टीम का वर्तमान प्रदर्शन और एक-दूसरे के लिए खेलना, यह एक सुखद अनुभव है।" उनकी टीम ने शुरुआती ओवर में इंग्लैंड को 150 रन पर रोक दिया।
इस दौरान, ऑस्ट्रेलिया ने आसानी से लक्ष्य का पीछा किया। मोलिन्यू ने कहा, "मैं वास्तव में रन चेज़ के दौरान बहुत नर्वस थी। लेकिन जब हम जीत के लिए केवल तीन रन दूर थे, तब जाकर मुझे आराम मिला।" यह पल उनके लिए बेहद खुशी का था।
चोटों से जूझते हुए सफलताएँ
इससे पहले, मोलिन्यू को कई चोटों का सामना करना पड़ा था। उन्होंने भारत के खिलाफ श्रृंखला में पीठ की चोट के कारण भाग नहीं लिया। इसके बाद, मार्च में वेस्ट इंडीज के खिलाफ केवल विशेष क्षेत्ररक्षक के रूप में खेल पाईं।
संयोग से, उनका खेल इतिहास चोटों से भरा रहा है। 2021 में उन्हें पैर में तनाव फ्रैक्चर हुआ और गंभीर एसीएल चोट ने उन्हें दो साल से अधिक समय तक छोटे प्रारूप के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से बाहर रखा।
संक्षेप में: सोफी मोलिन्यू ने चोटों को पार करते हुए ऑस्ट्रेलियाई टीम की कप्तानी को संभाला। उनकी यात्रा प्रेरणादायक है। क्रिकेट की ताज़ा खबरों के लिए YouTube पर Sports-Podcasts.com को फ़ॉलो करें।

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