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संजू सैमसन का नया सफर: चेन्नई सुपर किंग्स में एक नई शुरुआत
हालांकि, संजू सैमसन ने राजस्थान रॉयल्स से अपने विदाई की खबर साझा की है। यह कदम उनके लिए भावनात्मक रहा। सैमसन ने बताया कि 2013 से जुड़े रहने के बाद, उन्हें यह महसूस हुआ कि अब समय आगे बढ़ने का है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में बिताए वर्षों ने उन्हें एक परिवार की तरह महसूस कराया। लेकिन, अब यह स्पष्ट हो गया कि टीम को आगे बढ़ने के लिए उनकी जरूरत नहीं थी।
इसके अलावा, सैमसन ने राजस्थान रॉयल्स के साथ अपने अनुभव को साझा किया। उन्होंने वहां कप्तान होने के दौरान टीम को 2008 के बाद पहली बार फाइनल में पहुँचाया। उनके 4500 से अधिक रन इस बात का प्रमाण हैं कि उन्होंने टीम के लिए क्या किया। लेकिन अब, नए रास्ते अपनाने का समय आ गया था।
संजू सैमसन और चेन्नई सुपर किंग्स का संबंध
इस दौरान, जब विभिन्न टीमों ने सैमसन में रुचि दिखाई, तब चेन्नई सुपर किंग्स उनकी पहली पसंद बन गई। सैमसन ने कहा कि इस टीम में उनके लिए कुछ खास है। एम. एस. धोनी का मार्गदर्शन और रुतुराज गायकवाड़ के साथ मौजूदा संबंधों ने इस अवसर को और भी आकर्षक बना दिया।
सैमसन ने यह भी स्पष्ट किया कि सीएसके में शामिल होना उनके लिए एक सपना सच होने जैसा है। उन्होंने धोनी के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। धोनी की कप्तानी और उनकी आक्रामक बल्लेबाजी शैली ने सैमसन को हमेशा प्रेरित किया। अब वह धोनी के साथ खेलने का अवसर पा रहे हैं।
एक नई शुरुआत: राजस्थान से चेन्नई तक का सफर
विशेष रूप से, संजू सैमसन का चेन्नई सुपर किंग्स में आना एक युग का अंत और एक नए अध्याय की शुरुआत है। राजस्थान रॉयल्स के साथ उनके संबंधों ने उन्हें एक मजबूत खिलाड़ी बनाया। अब, सीएसके में शामिल होकर, वह नई चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार हैं।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने राजस्थान में बिताए लम्हों को याद किया। सैमसन ने बताया कि कैसे उन्होंने अपने क्रिकेट करियर में धोनी को हमेशा एक आदर्श माना। अब, जब वह सीएसके की जर्सी पहनेंगे, तो उनकी बचपन की ख्वाहिशें सच होती दिख रही हैं।
संक्षेप में: संजू सैमसन का चेन्नई सुपर किंग्स में शामिल होना उनके लिए नई शुरुआत है। क्रिकेट की ताज़ा खबरों के लिए YouTube पर Sports-Podcasts.com को फ़ॉलो करें।

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