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हनुमा विहारी का आरोप: टीम चयन में पक्षपात
हालांकि, हालिया T20I श्रृंखला में इंग्लैंड के हाथों 4-0 से हार के बाद, हनुमा विहारी ने भारतीय टीम प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्य कोच गौतम गंभीर अपने पसंदीदा खिलाड़ियों को टीम में शामिल कर रहे हैं। विहारी के अनुसार, इस चयन प्रक्रिया से टीम को कोई लाभ नहीं मिल रहा है।
इसके अलावा, विहारी ने कुछ खिलाड़ियों की स्थिति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने शिवम दुबे और वॉशिंगटन सुंदर की टीम में मौजूदगी को चुनौती दी है। विहारी का मानना है कि इन खिलाड़ियों का प्रदर्शन टीम के लिए उपयोगी नहीं है और इससे टीम की एकता प्रभावित हो रही है।
टीम चयन में विहारी की चिंताएं
इस दौरान, विहारी ने नए खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी के बारे में भी बात की। सूर्यवंशी ने अपने करियर में जल्द ही डेब्यू किया, लेकिन उन्हें केवल तीन मैचों के बाद टीम से बाहर कर दिया गया। विहारी ने कहा कि युवा खिलाड़ियों को स्थिरता की आवश्यकता होती है।
विशेष रूप से, उन्होंने कहा कि टीम में स्थिरता की कमी है। विहारी ने यह भी बताया कि चयनकर्ताओं को एक खिलाड़ी को अधिक मौके देने चाहिए, ताकि उसकी क्षमता को सही तरीके से परखा जा सके।
समस्या का समाधान और टीम की दिशा
इसके अतिरिक्त, विहारी ने टीम की चयन प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि स्पिनरों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। उन्हें यह समझ में नहीं आता कि रवि बिश्नोई को इस दौरे पर क्यों शामिल किया गया।
संक्षेप में, विहारी का मानना है कि भारतीय टीम में खिलाड़ियों के चयन में अनियमितता है। उन्होंने यह भी कहा कि खिलाड़ियों को पर्याप्त मौके नहीं मिल रहे हैं। विहारी की यह टिप्पणी उस समय आई है जब टीम ने ICC T20I रैंकिंग में शीर्ष स्थान खो दिया है।
संक्षेप में: हनुमा विहारी ने भारतीय टीम प्रबंधन की आलोचना की है। स्थिरता और उचित चयन प्रक्रिया की आवश्यकता है। क्रिकेट की ताज़ा खबरों के लिए YouTube पर Sports-Podcasts.com को फ़ॉलो करें।

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