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राजत पटिदार को नजरअंदाज करना: चयन समिति पर सवाल
हालांकि, राजत पटिदार को टीम में शामिल नहीं करने के फैसले ने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है। पूर्व भारतीय बल्लेबाज हनुमा विहारी ने इस विषय पर अपनी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि टीम प्रबंधन ने राजत की बेहतरीन फॉर्म को नजरअंदाज किया।
इसके अलावा, विहारी ने तर्क किया कि राजत ने आरसीबी के कप्तान के रूप में दो सीज़न में खिताब जीते हैं। फिर भी, उन्हें ज़िम्बाब्वे श्रृंखला के लिए चयनित नहीं किया गया। यह निर्णय चयन समिति के लिए कठिन सवाल खड़े करता है।
ज़िम्बाब्वे श्रृंखला के लिए टीम का संतुलन
इस दौरान, विहारी ने टीम के संतुलन के बारे में भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि टीम में सभी बल्लेबाज बाएं हाथ के हैं। इस स्थिति में, राजत पटिदार या संजू सैमसन जैसे दाएं हाथ के बल्लेबाजों को शामिल करना चाहिए था।
विशेष रूप से, राजत ने आईपीएल 2026 में 486 रन बनाए थे, जिसका स्ट्राइक रेट 196.76 था। बावजूद इसके, चयनकर्ताओं ने उन्हें नजरअंदाज किया। विहारी ने इस बात पर भी जोर दिया कि चयन के अन्य फैसले भी सवाल उठाते हैं।
फैसलों पर चर्चा और संभावित परिणाम
इस बीच, विहारी ने कूलदीप यादव और संजू सैमसन को शामिल नहीं करने के फैसले पर भी निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कूलदीप एक अनुभवी स्पिनर हैं और उनकी अनुपस्थिति से टीम को नुकसान हो सकता है।
इसके अतिरिक्त, विहारी ने कहा कि चयनकर्ता खिलाड़ियों की उम्र को ध्यान में रखते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर अन्य अनुभवी खिलाड़ियों को चुना गया है, तो राजत पटिदार को क्यों नहीं। टीम में बाएं हाथ के बल्लेबाजों की संख्या अधिक है, जबकि दाएं हाथ का कोई बल्लेबाज नहीं है।
संक्षेप में: क्रिकेट की इस स्थिति ने चयन समिति की नीतियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजत पटिदार की प्रतिभा को नजरअंदाज करना एक महत्वपूर्ण गलती साबित हो सकती है। क्रिकेट की ताज़ा खबरों के लिए YouTube पर Sports-Podcasts.com को फ़ॉलो करें।

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