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क्रिकेट Podcast: शरणार्थी महिला क्रिकेटर्स 2030 क्वालीफिकेशन के सफर के लिए एकजुट हुईं

शरणार्थी महिला क्रिकेटर्स 2030 क्वालीफिकेशन के सफर के लिए एकजुट हुईं

क्रिकेट 1:18
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महिलाओं के क्रिकेटरों के लिए नया भविष्य

हालांकि, अफगान शरणार्थी महिलाओं के क्रिकेटरों को एक नया अवसर मिला है। आईसीसी ने 2030 के लिए उनकी योग्यता पथ विकसित करने की योजना को मंजूरी दी है। यह कदम अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में लौटने के बाद उनके क्रिकेट करियर को पुनर्जीवित करने का एक प्रयास है।

इसके अलावा, आईसीसी बोर्ड ने विशेष टास्कफोर्स का पुनर्गठन किया है। यह टास्कफोर्स अफगान महिलाओं के क्रिकेटरों के लिए एक ठोस रोडमैप तैयार करने का कार्य करेगी। अब ये क्रिकेटर ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, और ब्रिटेन में स्थित हैं।

आईसीसी का समर्थन और योजना

इस दौरान, आईसीसी की यह पहल अफगान शरणार्थी महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। बोर्ड ने डॉ. रोज़ रिवाज़ और सारा कीन को विशेष टास्कफोर्स में शामिल किया है। यह कदम क्रिकेट के वैश्विक निकाय की ओर से एक ठोस सार्वजनिक प्रतिबद्धता का संकेत है।

इसके अतिरिक्त, अफगान महिलाओं को स्थानीय क्रिकेट वातावरण में एकीकृत किया जाएगा। उन्हें समूह के रूप में खेलने और प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा। पिछले 12 महीनों में भारत और इंग्लैंड की ओर किए गए दौरे ने उन्हें व्यक्तिगत और सामूहिक विकास में मदद की है।

खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया और भविष्य की योजनाएँ

विशेष रूप से, नाहिदा सापन ने कहा, "यह कार्यक्रम हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है।" उन्होंने यह भी कहा कि आईसीसी और टास्कफोर्स द्वारा दी गई दीर्घकालिक सहायता उन्हें अपने क्रिकेट करियर को जारी रखने में मदद कर रही है।

इसके अलावा, फिरोजा अफगान ने कहा कि "हमारी योग्यता के लिए एक स्पष्ट लक्ष्य है।" उन्होंने बताया कि पिछले साल भारत और इंग्लैंड में मिले अवसर उनके लिए यादगार रहे हैं। अब वे आईसीसी योग्यताओं की ओर बढ़ने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं।

संक्षेप में: अफगान शरणार्थी महिलाएं अब क्रिकेट के क्षेत्र में अपने सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। क्रिकेट की ताज़ा खबरों के लिए YouTube पर Sports-Podcasts.com को फ़ॉलो करें।

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