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मिस्र की टीम और विश्व कप में विवादित निर्णय
हालांकि, मिस्र की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम को विश्व कप के नॉकआउट चरण में हार का सामना करना पड़ा, लेकिन इस हार के पीछे खड़े विवादों ने सभी का ध्यान खींचा। विश्व कप में अर्जेंटीना के खिलाफ हुई इस मैच में मिस्र ने 1-0 की बढ़त बनाई थी। इसके बाद, एक VAR निर्णय ने उनके द्वारा बनाए गए एक गोल को रद्द कर दिया।
इसके अलावा, मिस्र के फुटबॉल संघ (EFA) ने FIFA से अपील की है कि इस मैच के रेफरी को टूनामेंट से बाहर किया जाए। उनका आरोप है कि रेफरी ने खेल के दौरान दोहरे मानदंडों का पालन किया, जिससे उनकी टीम को नुकसान हुआ।
VAR निर्णय पर विवाद और मिस्र की प्रतिक्रिया
इस दौरान, मैच के दूसरे हाफ में, VAR ने सबसे पहले मिस्र के खिलाड़ी मोस्टफा जिको का गोल रद्द कर दिया। यह निर्णय तब लिया गया जब मिडफील्डर मर्वान अत्तिया को लिसेंड्रो मार्टिनेज के पैर पर कदम रखने के लिए फाउल दिया गया।
इसके अलावा, मिस्र को ये भी लगा कि अर्जेंटीना के खिलाफ पेनल्टी क्षेत्र में मोहमद सलाह को फाउल किया गया था। यह घटना उस समय हुई जब अर्जेंटीना ने स्टॉपेज टाइम में विजेता गोल किया। इस पर EFA ने कहा कि रेफरी द्वारा किए गए गंभीर गलतियों की जांच होनी चाहिए।
प्रश्न और प्रतिक्रियाएँ
विशेष रूप से, EFA के अध्यक्ष हानी अबू रीडा ने FIFA से जांच की मांग की है। उनका कहना है कि रेफरी फ्रांकोइस लेटेक्सियर ने गंभीर गलतियाँ कीं, जिससे मिस्र की टीम हार गई। उन्होंने इसे "मिस्र राष्ट्रीय टीम के खिलाफ भेदभाव" का अपराध बताया।
इसके अतिरिक्त, मिस्र के प्रबंधक होसाम हसन ने कहा कि उनकी टीम को "अन्याय" का सामना करना पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि शायद विश्व चैंपियन अर्जेंटीना और लियोनेल मेस्सी को प्रतियोगिता में बनाए रखने के लिए ऐसा किया गया।
संक्षेप में: मिस्र की फुटबॉल टीम ने विश्व कप में रेफरी के निर्णयों को लेकर गंभीर आपत्ति जताई है। वे FIFA से जांच की मांग कर रहे हैं। विश्व कप की ताज़ा खबरों के लिए YouTube पर Sports-Podcasts.com को फ़ॉलो करें।

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