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डिडिएर देशाम का अद्वितीय सफर और विश्व कप
हालांकि, डिडिएर देशाम ने फ्रांस के कोच के रूप में एक लंबा और शानदार करियर बिताया, उनका यह सफर समाप्त होने जा रहा है। विश्व कप में तीसरे स्थान के प्लेऑफ मैच में उनकी टीम की हार ने उनके सपनों को चूर-चूर कर दिया। इस बार फ्रांस को स्पेन के खिलाफ 2-0 से हार का सामना करना पड़ा।
इसके अलावा, देशाम ने 2018 में अपनी कोचिंग में फ्रांस को विश्व कप जिताया था। वह खुद 1998 में विश्व कप जीत चुके हैं। लेकिन इस बार, उनकी टीम ने प्रतियोगिता में अपने खेल का उच्चतम स्तर नहीं दिखाया। डलास में खेले गए सेमीफाइनल में फ्रांस ने केवल 10 शॉट्स लगाए।
फ्रांस की हार के पीछे की वजहें
इस दौरान, पूर्व फ्रांसीसी खिलाड़ी पैट्रिक विएरा ने कहा कि टीम की प्रदर्शन से लोग निराश हैं। उन्होंने कहा कि फ्रांस ने सेमीफाइनल में अपनी क्षमता के अनुसार प्रदर्शन नहीं किया।
दूसरी ओर, किलियन म्बाप्पे ने टीम की रणनीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मिडफील्ड में तीन बनाम दो की स्थिति में खेलना कठिन था। यह स्पष्ट था कि फ्रांस ने अपने खेल को नियंत्रित करने में असमर्थता दिखाई।
डिडिएर देशाम का कोचिंग करियर और भविष्य
इसके अतिरिक्त, देशाम ने जनवरी 2025 में घोषणा की थी कि वह इस गर्मी के टूर्नामेंट के बाद पद छोड़ देंगे। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए व्यक्तिगत रूप से महत्वपूर्ण नहीं है कि वह सेमीफाइनल में हारें या फाइनल में।
संक्षेप में, देशाम ने फ्रांसीसी फुटबॉल को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया। उनके रिकॉर्ड और उपलब्धियों ने उन्हें फुटबॉल के इतिहास में एक विशेष स्थान दिलाया है। विश्व कप की ताज़ा खबरों के लिए YouTube पर Sports-Podcasts.com को फ़ॉलो करें।

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