सुनें और पढ़ें
विश्व कप में इंग्लैंड की आक्रामक शैली
हालांकि, इंग्लैंड ने विश्व कप के पहले मैच में क्रोएशिया के खिलाफ अपनी आक्रामक शैली से सभी को उत्साहित किया। यह मैच डलास में खेला गया, जहां इंग्लैंड ने 4-2 से जीत हासिल की। इस जीत के बावजूद, हेड कोच थॉमस ट्यूशेल के सामने कई सवाल खड़े हो गए हैं।
इसके अलावा, इंग्लैंड की टीम ने अपने डिफेंस में कुछ कमजोरियाँ दिखाई। ट्यूशेल ने एस्टन विला के डिफेंडर एज़री कोनसा को मैनचेस्टर सिटी के मार्क गुही पर तरजीह दी। लेकिन यह निर्णय कई लोगों के लिए चौंकाने वाला था।
कोनसा और गुही के बीच टोकरी की बहस
इस दौरान, इंग्लैंड की जीत के बावजूद, ट्यूशेल को अपने डिफेंस के लिए चिंता है। गुही की अनुपस्थिति ने कई सवाल खड़े किए हैं। पूर्व इंग्लिश स्ट्राइकर क्रिस सटन का मानना है कि ट्यूशेल को कोनसा और गुही को साथ में खड़ा करना चाहिए।
इसके अलावा, ट्यूशेल ने गुही को केवल सात मैचों में ही मौका दिया है। इस प्रकार, यह स्पष्ट है कि कोनसा को बहुत अधिक प्राथमिकता दी गई है। सटन के अनुसार, गुही और कोनसा दोनों ही टॉप डिफेंडर हैं।
गोलकीपर और फॉरवर्ड की स्थिति
इस तरह, इंग्लैंड के गोलकीपर जॉर्डन पिकफोर्ड ने भी महत्वपूर्ण बचाव किए। उन्होंने इगोर माटानोविक के शॉट को रोककर मैच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पिकफोर्ड की इस परफॉर्मेंस ने टीम को जीत दिलाने में मदद की।
इसके अतिरिक्त, मार्कस राशफोर्ड ने भी अपनी उपस्थिति को साबित किया। उन्होंने गेम में अंतिम गोल किया। यह उनके लिए एक शानदार मौके का संकेत था। ट्यूशेल अब अगले मैच में घाना के खिलाफ उनकी भूमिका पर विचार कर रहे हैं।
संक्षेप में: इंग्लैंड ने अपने विश्व कप अभियान की शुरुआत शानदार तरीके से की है। ट्यूशेल को डिफेंस और फॉरवर्ड पोजीशन पर निर्णय लेने में चुनौती का सामना करना पड़ेगा। विश्व कप की ताज़ा खबरों के लिए YouTube पर Sports-Podcasts.com को फ़ॉलो करें।

टिप्पणियाँ (0)